तेज और निष्पक्ष खबरों को जानने के लिए बने रहे डिस्कवरी न्यूज़ डॉट इन or discoverynews.in, covid-19 से बचाव के लिए मास्क एवं सेनेटाइजर का उपयोग करते रहे, बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार, तीन दिन बाद दबोचा गया, इंसान की त्वचा पर 9 घंटे तक जिंदा रह सकता है कोरोनावायरस, स्टडी में खुलासा, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का चेन्नई में सफलतापूर्वक परीक्षण, LPG cylinder home delivery rule हर घर के लिए काम की बात, 1 नवंबर से बदलेगा LPG सिलेंडर डिलीवरी नियम, UPSC Marksheet: जारी हुई यूपीएससी सिविल सेवा 2019 की मार्कशीट, upsc.gov.in पर करें डाउनलोड, NEET UG Result 2020: एनटीए ने जारी किए नीट के नतीजे, ntaneet.nic.in पर करें चेक, ग्लोबल टाइम्स की फिर से गीदड़भभकी, भारत को दी ताइवान से दूर रहने की चेतावनी, नवोदय विद्यालय में आर्ट टीचर और लाइब्रेरियन सहित इन पदों पर निकली भर्ती, अप्लाई @navodaya.gov.in , झारखंड के पलामू जिले में दहेज लोभी शिक्षक ने पत्नी और दो बच्चों का गला घोंटकर शव कूएं में फेंका,
BREAKING NEWS
{"effect":"slide-h","fontstyle":"normal","autoplay":"true","timer":"5000"}

सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह खतरनाक वायरस कहां से और क्यों शुरू हुआ। बता दें कि Coronavirus कुछ खास प्रजातियों के जानवरों में पाया जानेवाला वायरस है। इनमें सांप और चमगादड़ जैसे जीव शामिल हैं। जब यह वायरस इंसानों में पहुंचा तो इसने अपने आप को इस तरह विकसित कर लिया कि यह इंसानों में भी सर्वाइव कर पाए।

NBT

करॉना वायरस का जिक्र आजकल हर किसी की जुबान पर है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुए इस वायरस ने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। इस बीमारी की भयावहता आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि अब तक दुनियाभर में इस वायरस के कारण करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है। हमारे देश के केरल राज्य में भी इस वायरस से पीड़ित मरीज का केस सामने आया है। हालांकि किसी भी तरह की बीमारी से डरना उसका समाधान नहीं है। जरूरी है कि हम सावधानी बरतें और अपनी लाइफ पर इफेक्ट ना होने दें….
करॉना वायरस का ऑरिजिन
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह खतरनाक वायरस कहां से और क्यों शुरू हुआ। तो आपको बता दें कि Corona virus कुछ खास प्रजातियों के जानवरों में पाया जानेवाला वायरस है। इनमें सांप और चमगादड़ जैसे जीव शामिल हैं। जब यह वायरस इंसानों में पहुंचा तो इसने अपने आप को इस तरह विकसित कर लिया कि यह इंसानों में भी सर्वाइव कर पाए। यानी इंसानी शरीर में भी ठीक तरीके से पनप सके। इसका यही बदला हुआ स्वरूप मेडिकल एक्सपर्ट्स के सामने चैलेंज बना हुआ है।

कैसे पहुंचा इंसानों में?
हमारे दिमाग में यह सवाल उठना बेहद लाजिमी है कि आखिर जानवरों का यह वायरस इंसानों में कैसे पहुंच गया? तो आपको बता दें कि चीन में सांप और चमगादड़ जैसे उन जीवों को बहुत ही चाव के साथ खाया जाता है, जिन्हें अन्य देशों के लोग खाना या उनका सूप पीना कम ही पसंद करते हैं। करॉना वायरस की शुरुआत चीन में होने और तेजी से वहां के कई शहरों में फैलने की यही खास वजह बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें: मास्क नहीं है करॉना वायरस से बचने का तरीका, हैंड वॉश और ये चीजें हैं जरूरी

NBT

इंसानों में कैसे आया करॉना?

क्यों फैल रहा है तेजी से?
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि करॉना वायरस के इतनी तेजी से फैलनी की वजह इसका संक्रमण हो सकता है। माना जा रहा है कि करॉना वायरस हवा, नमी और सांस के जरिए इंसान से इंसान में ट्रांसफर हो रहा है। इसके तेजी से फैलने की यह भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है कि लोग अधपके और कच्चे मांस का सेवन भी करते हैं। जो इसके संचार का माध्यम हो सकता है। वहीं, सी-फूड दुनियाभर में पसंद किया जाता है, जो इस वायरस को फैलने और ग्रोथ करने में मदद कर रहा है।

यह भी पढ़ें: Corona virus क्या है? क्या यह एक से दूसरे इंसान में फैलता है, जानें ऐसे सभी सवालों के जवाब

किस फैमिली से आता है करॉना वायरस?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि करॉना वायरस SARS और MERS वायरस की फैमिली से आता है। संभावना जताई जा रही है कि यह इन्हीं वायरसों की तरह मानव जाति के लिए बड़े स्तर पर घातक और जानलेवा साबित हो सकता है। करॉना वायरस अगर गाय, भैंस या सुअर जैसे जानवरों में हो तो उन्हें डायरिया से बीमार कर सकता है। जबकि मुर्गियों में करॉना के कारण सांस से संबंधित बीमारी हो सकती है। यह बात आपको यहां इसलिए बताई जा रही है ताकि आप किसी भी बीमार जानवर का मीट खाने से बच सकें। इसी कारण हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सी-फूड और सही तरीके से ना पकाया गया मीट खाने के लिए मना कर रहे हैं। ताकि इस वायरस को अधिक फैलने से रोका जा सके।

NBT

क्यों इसका नाम पड़ा करॉना?

यह भी पढ़ें: करॉना वायरस से बचाव के लिए यात्रा के दौरान अपनाएं ये उपाय

क्यों पड़ा इस वायरस का नाम करॉना?
कोई भी समझदार इंसान यह बात को जरूर जानना चाहेगा कि आखिर इस वायरस का नाम करॉना क्यों पड़ा? दरअसल, जब सूर्य को ग्रहण लगता है यानी सूर्य ग्रहण के वक्त जब पृथ्वी सूर्य को पूरी तरह ढक देती है तो गोले के रूप में सूरज दिखना तो बंद हो जाता है लेकिन उसकी किरणों द्वारा हर तरफ फैल रही रोशनी दिखलाई पड़ती है। जो तेजी से कहीं ब्रह्मांड में विलुप्त होती हुई दिखती है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि यह सूरजमुखी के फूल की तरह की संचरना बन जाती है। जो बीच से काली होती है और इसके वृत्त के चारो तरफ नर्म किरणों का प्रकाश फैल रहा होता है, जैसे सूरजमुखी की पंखुड़ियां होती हैं। पृथ्वी की छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की इस रोशनी को करॉना कहा जाता है। इसी कारण इस वायरस का नाम करॉना दिया गया क्योंकि इसकी बनावट करॉना जैसी ही है। दरअसल, यह वायरस गोल है और इसकी सतह पर पृथ्वी के करॉना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानी शाखाएं उगी हुई हैं। जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती हैं।

यह भी पढ़ें:Coronavirus का नहीं है कोई इलाज, ऐहतियात ही है बचाव का बेस्ट तरीका

कोरोना वायरस से बचने के लिये जहां तक हो सके तो बाहर निकलते वक्‍त मास्‍क का उपयोग करें। इसके अलावा अपने हाथों को बार बार धोएं और अगर किसी चीज को टच किया है तो मुंह को छूने से बचें।

0 Reviews

Write a Review

admin

Read Previous

कोरोना वायरस का जिक्र करने पर चीन ने अपने ही डॉक्टरों को दे दी थी धमकी,डिस्कवरी न्यूज़ की स्पेशल रिपोर्ट –

Read Next

कोरोना संकट पर राष्ट्र के नाम संबोधन / प्रधानमंत्री की अपील- 22 मार्च सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक देशभर में लगाएं जनता कर्फ्य, बाकी समय में भी जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें में भी जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *