तेज और निष्पक्ष खबरों को जानने के लिए बने रहे डिस्कवरी न्यूज़ डॉट इन or discoverynews.in, covid-19 से बचाव के लिए मास्क एवं सेनेटाइजर का उपयोग करते रहे, महामारी में वीज़ा नियमों में ढील : विदेश में बसे भारतीय, विदेशी नागरिक भारत आ सकते हैं, लेकिन टूरिस्ट वीज़ा पर नहीं, बिहार चुनाव : BJP ने किया 19 लाख नौकरियों, हर बिहारवासी को फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा, योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी का पलटवार- 24 घंटों में साबित करें कि आप सच्चे योगी हैं, H-1B स्पेशलिटी वीजा पर US विदेश विभाग का नया प्रस्ताव- सैकड़ों भारतीय हो सकते हैं प्रभावित, उद्धव सरकार का बड़ा फैसला, महाराष्ट्र में बिना इजाजत CBI की 'नो एंट्री', लेह में गलत लोकेशन दिखाने पर भारत सरकार ने जताई आपत्ति, Twitter के सीईओ को लिखी चिट्ठी, ताइवान के विदेश मंत्री बोले- हमारे निवेशकों ने भारत में पैदा किए 65000 रोजगार, देश में कोरोना के कुल मामले 77 लाख के पार, 24 घंटे में दर्ज हुए 55,839 केस, दुश्मन की नींद उड़ाएगी 'नाग' एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, पोखरण में सफल परीक्षण, NASA's Osiris-Rex : ऐस्टरॉइड पर उतरा NASA का स्पेसक्राफ्ट, 2023 में पृथ्वी पर लौटेगा, दिल्ली दंगे से जुड़े 3 मामलों में ताहिर हुसैन को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका , स्मार्ट LED TV पर बंपर छूट, Amazon पर मिल रहा 50 परसेंट तक डिस्काउंट,
BREAKING NEWS
{"effect":"slide-h","fontstyle":"normal","autoplay":"true","timer":"5000"}

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    एचआईवी से हर साल औसतन 8 लाख लोग मर रहे हैं, पिछले 40 साल से. अब तक एचआईवी की कोई वैक्सीन नहीं मिल पाई है. इसी बात का जिक्र करते हुए कोरोना वायरस की वैक्सीन तलाश रही टीम का नेतृत्व कर रहीं प्रमुख साइंटिस्ट जेन हाल्टन ने कहा है कि शायद कोरोना की वैक्सीन भी कभी ना मिल पाए. उन्होंने कहा- ‘विज्ञान में कुछ भी निश्चित नहीं है.’

    (प्रतीकात्मक फोटो)

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    जेन हाल्टन कोरोना वैक्सीन की खोज के लिए काम कर रही अंतरराष्ट्रीय टीम (Coalition for Epidemic Preparedness Innovations) का नेतृत्व कर रही हैं. इस टीम को बिल गेट्स की ओर फंड मिला है. जेन ऑस्ट्रेलिया की सबसे अनुभवी महामारी एक्सपर्ट के तौर पर भी जानी जाती हैं. वह विश्व स्वास्थ्य संगठन के एग्जेक्यूटिव बोर्ड में भी रह चुकी हैं और वर्ल्ड हेल्थ असेंबली की प्रेसिडेंट के पद पर भी काम कर चुकी हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    जेन हाल्टन ने यह चेतावनी इसलिए दी है ताकि कोरोना के खिलाफ तमाम देश सिर्फ वैक्सीन की उम्मीद में ना बैठे रहें. बल्कि कोरोना को हराने के लिए प्लान B पर भी काम किया जाए.
    दुनियाभर में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है. 17 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. एक लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि, कई देशों में कोरोना वैक्सीन तलाश करने के लिए ट्रायल चलाए जा रहे हैं.

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    The Australian अखबार से बातचीत में साइंटिस्ट जेन हाल्टन कहती हैं कि स्वास्थ्य अधिकारियों को प्लान B पर तेजी से काम करने की जरूरत है. क्योंकि हो सकता है हम कोरोना की वैक्सीन ना तलाश पाएं. हालांकि, दुनिया के कई हेल्थ एक्सपर्ट उम्मीद जता रहे हैं कि 2021 तक कोरोना वैक्सीन तैयार करने में दुनिया को सफलता मिल सकती है.

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    लेकिन जेन हाल्टन कहती हैं कि इतने कम समय में कोरोना की वैक्सीन तैयार करना अविश्वसनीय है. उन्होंने कहा है कि अवास्तविक उम्मीदें दी जा रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि COVID-19 के अलावा अन्य कोरोना वायरस की वैक्सीन भी अब तक नहीं बनी है.

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    वहीं, एचआईवी से सिर्फ 2008 में दुनिया में 7.7 लाख लोगों की मौत हो गई. बीते 40 साल में 3 करोड़ 20 लाख लोग एचआईवी से जान गंवा चुके हैं. लेकिन वैज्ञानिकों को आज तक एचआईवी की वैक्सीन नहीं मिली है.

  • कोरोना पर काम कर रहीं चीफ साइंटिस्ट ने चेताया- शायद कभी न मिले वैक्सीन

    अमेरिका, चीन सहित कई देशों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल इंसानों पर शुरू हो रहा है. लेकिन जेन हाल्टन की चेतावनी फिलहाल उम्मीदों को कम करने वाली है. हालांकि, उनका कहना है कि वे सतर्क करना चाहती हैं कि लोग वैकल्पिक प्लान पर काम शुरू करें.

लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर…

  • लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर...

    देश में कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण से बचने के लिए सरकार और विशेषज्ञों ने लोगों से साफ-सफाई के साथ ही सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की अपील की है. हालांकि कोयंबटूर में इसी सैनिटाइजर की वजह से एक शख्स की जान चली गई.

  • लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर...

    दरअसल कोयंबटूर में 35 साल के एक व्यक्ति ने सैनिटाइजर पी लिया जिससे उसकी मौत हो गई. जिस शख्स की मौत हुई वो एक एजेंसी में गैस डिलिवरी ब्वॉय के तौर पर काम करता था.

  • लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर...

    रिपोर्ट के मुताबिक बर्नार्ड नाम के जिस शख्स की सैनिटाइजर पीने से मौत हुई उसे शराब की बुरी लत थी. लॉकडाउन की वजह से शराब नहीं मिलने पर वो काफी परेशान था. इसी दौरान उसे एजेंसी ने जो सैनिटाइजर हाथ साफ रखने के लिए दिया गया था उसे ही पीकर युवक की तबियत बिगड़ने लगी.

  • लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर...

    इसके बाद बर्नार्ड की पत्नी उसे अस्पताल ले गई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया. बर्नार्ड के शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.

  • लॉकडाउन में नहीं मिल रही शराब, पी गया सैनिटाइजर और फिर...

    बता दें कि इससे पहले ऐसा एक मामला सामने आ चुका है. केरल के एक जेल में कोरोना वायरस से बचाव के लिए बनाए जा रहे सैनिटाइजर को एक कैदी ने शराब समझ कर पी लिया जिससे उसकी मौत हो गई थी.

कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    अमेरिका में कोरोना वायरस का केंद्र बन चुका न्यूयॉर्क शहर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. न्यूयॉर्क में अभी तक कोरोना वायरस से हजारों लोगों की जान जा चुकी है. अधिकारियों  का कहना है कि न्यूयॉर्क शहर में मरने वालों में 100 से अधिक पाकिस्तानी शामिल हैं जबकि पूरे पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 78 लोगों की जान गई है

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    बीता शुक्रवार अमेरिका के लिए अब तक का सबसे घातक दिन साबित हुआ है क्योंकि इस दिन अमेरिका में कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई. अधिकारियों का कहना है कि US में आधा मिलियन से ज्यादा लोगों को वायरस ने प्रभावित किया है. डॉन न्यूज के मुताबिक, अब तक वायरस ने दुनिया भर में लगभग 1.7 मिलियन लोगों को प्रभावित किया है, लेकिन आकड़ों के मुताबिक अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. अमेरिका वो देश बन गया है जहां कोरोना वायरस के सबसे अधिक रोगी पाए गए हैं. यहां एक दिन में ही कोरोना से दो हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    पाकिस्तान के महावाणिज्य (Pakistan’s Consul General) दूत आयशा अली ने कहा, ‘अस्पतालों, अंतिम संस्कार घर और परिवारों से मिली जानकारी के मुताबिक न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी क्षेत्र में कोरोना वायरस से 100 से अधिक पाकिस्तानी मारे गए हैं.’

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    पाकिस्तान दूतावास  के प्रवक्ता (Pakistan Embassy’s spokesperson) ज़ोबिया मसूद ने कहा, ‘हमें जानकारी मिली है कि कुछ पाकिस्तानियों की दूसरे राज्यों में भी कोरोना वायरस से मौत हुई हैं. हम अभी भी इस बारे में और जानकारी जमा कर रहे हैं कि इस बीमारी ने पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय को कैसे प्रभावित किया है.’

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    न्यूयॉर्क में जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि इस बीमारी का जातीय अल्पसंख्यकों (ethnic minorities) पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है. सबसे ज्यादा मौतें – 34 फीसदी  हिस्पैनिक समुदाय में हुईं हैं, तो वहीं ये आंकड़ा अफ्रीकी-अमेरिकी में 28 फीसदी हैं. साथ ही 27 फीसदी मौतों के साथ व्हाइट्स तीसरे स्थान पर हैं तो वहीं एशियाई-अमेरिकी समुदाय में 7 प्रतिशत की आबादी पर घातक प्रभाव पड़ा है, जिसमें भारतीय और पाकिस्तानी लोग भी शामिल हैं

  • कोरोना से PAK से ज्यादा न्यूयॉर्क में पाकिस्तानियों ने गंवाई जान

    महावाणिज्य दूत का कहना है, ‘हमें डर है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.’ उन्होंने बताया कि हम एक कम्यूनिटी के साथ काम कर रहे हैं जिनकी मदद से जरुरतमंद लोगों के लिए भोजन के मुफ्त वितरण की व्यवस्था की गई है.

कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

1 / 7

कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

कोरोना वायरस से बुरी तरह जूझ रहे अमेरिका में सरकार ने मदद के लिए लोगों के अकाउंट में 91-91 हजार रुपये (1200 डॉलर) ट्रांसफर करने का फैसला किया है. अमेरिका के करोड़ों लोगों को ये पैसे बुधवार से मिलने लगेंगे. इस मदद को यूनिवर्सल इनकम पेमेंट कहा जा रहा है.

 

  • कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    27 मार्च को ट्रंप ने 2.2 ट्रिलयन डॉलर के कोरोना वायरस प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया था. वहीं, जिन लोगों को तकनीकी कारणों से अकाउंट में पैसे ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे उन्हें सरकार डाक से चेक भेजेगी. सरकार एक नई वेबसाइट भी बना सकती है जहां लोग अपने बैंक अकाउंट डिटेल्स दे सकेंगे.

  • कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    अमेरिका में बेरोजगारों की संख्या एक करोड़ 68 लाख हो चुकी है. कोरोना वायरस का इकोनॉमी पर बुरा असर जारी है. इसकी वजह से आने वाले दिनों में और भी लोगों की नौकरी जा सकती है.

  • कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते महीने CARES Act लागू किया था. इसके तहत जो अमेरिकी शख्स साल में करीब 57 लाख रुपये से कम कमाते हैं, उन्हें  91,411 रुपये दिए जाएंगे.

  • कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    57 लाख से अधिक और 75.4 लाख से कम सालाना कमाने वाले लोगों को भी कुछ कम रकम सहायता राशि के तौर पर मिलेगी. 75.4 लाख से अधिक कमाई वाले व्यक्ति को पैसा नहीं मिलेगा.

  • कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    नागरिकों के साथ-साथ अमेरिका में रह रहे स्थाई निवासियों को भी ये मदद दी जाएगी. लेकिन वीजा पर रहने वाले लोगों को मदद नहीं मिलेगी.

    कोरोना: इस देश में लोगों के अकाउंट में भेजे जा रहे 91 हजार रुपये

    nymag.com की रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स फाउंडेशन नाम की संस्था का अनुमान है कि अमेरिका में टैक्स भरने वाले 93.6 फीसदी लोगों को 1200 डॉलर या इससे कुछ कम रकम मिलेगी. हालांकि, अमेरिकी सरकार में विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का कहना है कि एक बार महज 1200 डॉलर दिया जाना पर्याप्त नहीं होगा.

इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर ‘एक्टिवेट हुए’ वायरस, दोबारा पॉजिटिव

http://discoverynews.in/

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों के दोबारा पॉजिटिव आने की घटना फिर सामने आई है. साउथ कोरिया में 40 नए लोग दोबारा पॉजिटिव पाए गए हैं. इससे पहले 51 लोग ठीक होने के बाद यहां पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इस घटना ने हेल्थ एक्सपर्ट की चिंता बढ़ा दी है.

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    अब तक ऐसा समझा जाता है कि एक बार संक्रमित होने के बाद कोरोना मरीज अगर ठीक हो जाए तो वह कोरोना वायरस को लेकर इम्यूनिटी डेवलप कर लेता है. लेकिन नए मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    साउथ कोरिया में अब तक कुल 91 ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिन्हें समझा गया था कि वे ठीक हो गए हैं. उन्हें क्वारनटीन से छोड़ दिया गया था. लेकिन बाद में एहतियात के लिए जांच की गई तो फिर पॉजिटिव निकले.

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    साउथ कोरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों को इस बात की भी चिंता हो रही है कि कोरोना से दोबारा पॉजिटिव होने की खबर सुनकर आम लोग पैनिक हो सकते हैं.

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के डायरेक्टर जिओंग इउन केओंग का कहना है कि ऐसा लगता है कि वायरस दोबारा एक्टिवेट हो गया होगा. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारी अभी इस मामले की जांच कर रहे हैं ताकि ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके कि कैसे ये मरीज दोबारा पॉजिटिव हो गए

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरिया यूनिवर्सिटी के गुरो हॉस्पिटल में संक्रामक रोगों के प्रोफेसर किम वू जू ने कहा है- ‘ये आंकड़ा आगे बढ़ेगा. 91 तो महज शुरुआत है.’

  • इस देश में ठीक हो चुके 91 मरीजों में फिर 'एक्टिवेट हुए' वायरस, दोबारा पॉजिटिव

    बता दें कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए साउथ कोरिया की काफी तारीफ हुई है. साउथ कोरिया ने बड़े पैमाने पर टेस्टिंग और अन्य कदम उठाकर कोरोना पर काबू पाया है. इस देश में संक्रमण के 10,450 मामले सामने आए हैं और 208 लोगों की मौत हुई है.

0 Reviews

Write a Review

admin

Read Previous

स्पेशल रिपोर्ट -जाने पूरी दुनिया में किस देश में क्या स्थिति है कोरोना मरीज़ो की

Read Next

क्या बढ़ सकता है लॉक डाउन ? जानिए किस राज्य के मुख्यमंत्री ने क्या दिए सुझाव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *