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by-DHEERAJ KUMAR DIXIT/NEW DELHI

UPDATE-3 MAY 2020

 

हिंदू धर्म में रामायण को सबसे पवित्र ग्रंथ माना गया है। भारत में शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा, जो रामायण और भगवान श्रीराम के बारे में न जानता हो। हालांकि रामायण से जुड़ी कई बातों से आज भी लोग अनजान हैं। जैसे कि भगवान राम और माता सीता की उम्र में कितने साल का अंतर है? इसका जवाब रामायण में तो मौजूद है, लेकिन इसके बारे में ज्यादातर लोग जानते नहीं हैं।

हिंदू धर्म में भगवान श्री राम अत्यंत पूज्यनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम भी कहा जाता है। श्रीराम भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। भगवान विष्णु ने राक्षसराज रावण का अंत करने के लिए धरती पर राम के रूप में अवतार लिया था।

वहीं, माता सीता को आद्यशक्ति, सर्वमंगलदायिनी और वरदायनी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सीता के नाम में ही उनकी उत्पत्ति का राज छिपा है। दरअसल, मिथिला के राजा महाराज जनक की कोई संतान नहीं थी। इसलिए उन्होंने संतान प्राप्ति की कामना के लिए एक यज्ञ करने की ठानी। जब वो यज्ञभूमि तैयार कर रहे थे, उस दौरान वहां एक बालिका प्रकट हुई। उस बालिका का नाम सीता रखा गया।

भगवान श्रीराम ने सीता स्वयंवर में भगवान शिव का धनुष तोड़कर माता सीता से विवाह किया था। उन्हें 14 वर्ष का वनवास भी झेलना पड़ा था। इसी बीच रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था, जिसके बाद भगवान राम ने उसका विनाश कर दिया था।

 

रामाणय में एक दोहा है, ‘वर्ष अठारह की सिया, सत्ताइस के राम। कीन्हों मन अभिलाष तब, करनो है सुर काम॥’ इसका मतलब ये है कि माता सीता भगवान राम से 9 साल छोटी थीं। हालांकि वाल्मीकि रामायण के अनुसार, भगवान राम माता सीता से 7 साल और एक महीने बड़े थे।

 

 

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